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१० चीज़े जो गूगल वेव पर न करो

गूगल ने इसे ‘ईमेल कीलर’ कहा है यानी कि एक ऐसा नया माध्यम जिसके आने के बाद ईमेल करना पूरानी फैशन हो जाएगी! यह गूगल वेव है जिसका प्रीव्यू आम लोगों के लिए उपलब्ध है. यदि आप अभी तक गूगल वेव अकाउंट प्राप्त नहीं कर पाएँ हैं तो यहाँ आवेदन कर सकते हैं अथवा अपने किसी जीमेल प्रयोक्ता मित्र के द्वारा आपको निमंत्रित किए जाने तक इंतजार कर सकते हैं.

गूगल वेव एक ऐसी सेवा है जिसके माध्यम से कई लोग एक साथ चैट कर सकते हैं, डोक्यूमेंट साझा कर सकते हैं, एक साथ किसी प्रोजेक्ट पर चर्चा कर सकते हैं तथा अन्य कई कार्य कर सकते हैं.

लेकिन वेव अभी भी अपने परीक्षण काल से गुजर रहा है और इसमें कई कमियाँ पाई गई हैं.उनमें से 10 प्रमुख कमियाँ –
  1. गूगल वेव में कोई प्रयोक्ता कुछ लिखता है तो उस वेव से जुड़े अन्य लोगों को वह दिखता रहता है. यह रीयल टाइम ड्राफ्टिंग बंद नहीं की जा सकती. [गूगल के अनुसार यह फीचर जोड़ा जाएगा]
  2. वेब में लोगों को जोड़ा तो जा सकता है लेकिन निकाला नहीं जा सकता. इसलिए यदि किसी व्यक्ति को भूल से किसी वेव में शामिल कर लिया जाए तो गडबड हो सकती है. [यह फीचर भी जोड़ा जाएगा]
  3. इस समय कोई भी प्रयोक्ता जो किसी वेव से जुड़ा हो वह संदेशों को सम्पादित कर सकता है. “रीड ओनली” वेव विकल्प उलब्ध नहीं है.
  4. वेव में “अन डू (Ctrl+Z)” सुविधा नही है.
  5. लम्बे वेब में से थोड़ा सा हिस्सा निकाल कर अलग थ्रेड शुरू नहीं के जा सकती. [गूगल के अनुसार यह फीचर जोड़ा जाएगा]
  6. दो वेव को एक साथ जोड़ा नहीं जा सकता
  7. वेव पर आप छूपे हुए (इनविजिबल) नहीं रह सकते
  8. वेब पर आप कोंटेक्ट ग्रुप नहीं बना सकते
  9. अपनी वेव से जुड़े किसी सदस्य को आप उस वेव को “पब्लिक” करने से नहीं रोक सकते. इससे गोपनियता भंग होने का खतरा बना रहता है.
  10. आप ढेर सारे वेव को समायोजित नहीं कर सकते.

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